देशभर में गूंजा मोबाइल अलर्ट सायरन, जानिये सरकार ने इमरजेंसी अलर्ट क्यों किया जारी…
रायपुर, 2 मई 2026. National Disaster Management Authority (NDMA) द्वारा शनिवार 2 मई 2026 को देशभर में एक बड़ा इमरजेंसी अलर्ट टेस्ट किया गया, जिसके चलते सुबह करीब 11:45 बजे कई लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक तेज सायरन और अलर्ट मैसेज दिखाई दिया। इस मैसेज को कुछ सेकंड बाद मोबाइल ने पढ़कर भी सुनाया, जिससे कई लोग घबरा गए।
हालांकि, सरकार ने तुरंत स्पष्ट किया कि यह कोई असली आपातकालीन स्थिति नहीं थी, बल्कि एक नियोजित परीक्षण (Test) था। इस अभ्यास का उद्देश्य देश में इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम को और मजबूत बनाना है, ताकि आपदा के समय लोगों तक तुरंत और प्रभावी सूचना पहुंचाई जा सके।

कैसे काम करता है यह सिस्टम?
यह अलर्ट ‘Cell Broadcast’ तकनीक के जरिए भेजा गया, जो पारंपरिक SMS से अलग होती है। इसमें किसी खास क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ मैसेज भेजा जाता है, बिना नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव डाले। यही वजह है कि अलर्ट बहुत तेजी से सभी तक पहुंचता है।
किन जगहों पर हुआ टेस्ट?
इस परीक्षण के तहत देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक साथ अलर्ट भेजा गया। मैसेज हिंदी, अंग्रेजी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में जारी किया गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे समझ सकें।

‘SACHET’ प्लेटफॉर्म से जुड़ा सिस्टम
यह पूरी प्रणाली ‘SACHET’ प्लेटफॉर्म से जुड़ी है, जिसे C-DOT (C-DOT) ने विकसित किया है। यह कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है और देश के सभी 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय किया जा चुका है।
क्यों जरूरी है यह टेस्ट?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की टेस्टिंग से लोगों को भविष्य में ऐसे अलर्ट की आदत हो जाएगी। जब वास्तव में कोई आपदा आएगी, तब लोग अलर्ट को नजरअंदाज नहीं करेंगे और समय रहते सतर्क हो सकेंगे।










